गुरतुर गोठ : छत्तीसगढी पाठक सुझाव देवें

गुरतुर गोठ : छत्तीसगढी पाठक सुझाव देवें

छत्‍तीसगढ हा राज बनगे अउ हमर भाखा ला घलव मान मिलगे संगे संग हमर राज सरकार ह हमर भाखा के बढोतरी खातिर राज भाखा आयोग बना के बइठा दिस अउ हमर भा...
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संत कवि पवन दीवान की हस्‍तलिखित कविता

संत कवि पवन दीवान की हस्‍तलिखित कविता

भाई दीपक शर्मा जी हा पाछू महीना अपन गांव राजिम आये रहिस त छत्‍तीसगढ के जाने माने कवि संत पवन दीवान मेर आसिरबाद लेहे ल गे रिहिस । भाई के मया...
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बोके बमुरी तैं चतुरा आमा कैसे खाबे

जइसन करम करबे फल वोइसनहे पाबे बोके बमुरी तैं चतुरा आमा कैसे खाबे लंद्फंदिहा लबरा झबरा के दिन थोरके होथे पिरकी घलव चकावर करके मुड़ ध...
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संगी-साथी