अपन गोठ... समीर यादव Add Comment Edit सुकवि बुधराम यादव जी के रचित थोरकुन गीत, कविता, जागरण गीत , मुक्तक , साखी के गुरतुर-गोठ अउ मनोरथ के माध्यम से आप मन अवलोकन करेव । ये सब म... Read More
छपास ले मन भले भरत होही पेट ह नई भरय 36solutions Add Comment Edit इंटरनेट म हिन्दी अउ छत्तीसगढी के भरमार ल देख के सुकालू दाऊ के मन ह भरभरा गे वोखर बारा बरिस पहिली कोठी म छाबे भरूहा काडी ल गौंटनिन मेंर हेरवा... Read More
मोर सोंच मोर छत्तीसगढी 36solutions 1 Comment Edit छत्तीसगढी भासा बोलैया समझैया मन ला मोर जय जोहार मोर मन हा छत्तीसगढी बोले पढे लिखे म अडबड गदगद होथे, काबर नई जानव ? फ़ेर सोचथो मोर जनम इहि छत्... Read More