"गुरतुर गोठ" ला समर्पित एक ठन रचना...... सबले गुरतुर गोठियाले तैं गोठ ला आनी बानी के अंधरा ला कह सूरदास अउ नाव सुघर धर का...
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बोके बमुरी तैं चतुरा आमा कैसे खाबे
जइसन करम करबे फल वोइसनहे पाबे बोके बमुरी तैं चतुरा आमा कैसे खाबे लंद्फंदिहा लबरा झबरा के दिन थोरके होथे पिरकी घलव चकावर करके मुड़ धर के रोथे...
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छत्तीसगढ़िया
बायोडाटा नाम : मनोहर दास मानिकपुरी पिता : स्व. ननकी दास मानिकपुरी शिक्षा : स्नातक जन्मतिथि : 07-01-1959 जन्मस्थान : ग्राम - भुन्...
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एक दिन जाना हवय इंहा ले...
एक दिन जाना हवय इंहा ले सबला ओसरी पारी तन कैसे कब कहाँ ये ककरो हाथ नहीं संगवारी अजरा, जतखत, परे डरे कस का बिरथा जिनगानी खरतर, गुनवंता, धनवंत...
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संगी मन थोरुक बढे चलव गा
अब झन करव अबिरथा अबेर गा संगी मन थोरुक बढे चलव गा भाई मन चिटुक बढे चलव गा !! अतियाचार करिन बैरी जब तुम निचट देह डारेव ! सुमता छांड अपुस मा ...
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मोर कुंवर कन्हैया...!
जन्माष्टमी के पावन बेरा मा...परसतुत हे॥ श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें .... मोर ...
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जमुनिया के डार : धनी धर्मदास के गीत
जमुनिया के डार मोर टोर देव हो । एक जमुनिया के चउदा डारो, सार सबद लेके मोर देव हो । काया कंचन अजब पियाला, नाम बूटी रस घोर देव हो । सुरत सु...
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नयना नीर भरे
नयना नीर भरे कोई फिर ना झरे नाही कोई किसी को छले आओ सबसे से मिले गले..... इस चमन में अमन की वो गंगा बहे जन गण सदियों सलामत औ चंगा रहे धरा ध...
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छत्तीसगढ़-गौरव
हमर देस ये हमर देस छत्तीसगढ़ आगू रहिस जगत सिरमौर। दक्खिन कौसल नांव रहिस है मुलुक मुलुक मां सोर। रामचंद सीता अउ लछिमन, पिता हुकुम से बिहर...
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धर ले कुदारी
धर ले रे कुदारी गा किसान आज डिपरा ला रखन के डबरा पाट देबो रे । ऊंच-नीच के भेद ला मिटाएच्च बर परही चलौ चली बड़े बड़े ओदराबोन खरही झुर...
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मोर भाखा
मोर भाखा सँग दया मया के सुग्घर हवै मिलाप रे । अइसन छत्तीसगढ़िया भाखा, कऊनो सँग झन नाप रे ।। येमा छइहाँ बम्हलई देबी, बानबरद गोर्रइयाँ के ...
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तैं ह आ जाबे मैना
तैं ह आ जाबे मैना उड़त उड़त तैंह आ जाबे । मैंह कइसे आवौं ना, मैंह कइसे आवौना, बिन पाँरवी मोर सुवना कइसे आवौं ना मन के मया संगी तोला ...
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महर महर महकय माटी
............ महर महर महकय माटी......... महर महर महकय माटी मोर लहर लहर लहरावय धान ! खेत मेढ़ मा ठाढे मगन मन मुचुर मुचुर मुसकावय किसान !! ...
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तैं भले बिसर दे
..................... तैं भले बिसर दे .............. तैं भले बिसर दे मोला गियां, तोर सुरता गजब आवत हे ! घरी घरी दिन छिन पल पल, मोर जियरा ल ...
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रिमझिम बरसय बादर
जोहार भाई मन ला.....! सावन भादो म एक ठन गीत भेजत हवं अनंद लव अउ अपन बिचार देहव.....!! .............................. समीर.. .............
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