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अदा के लिये

सांसे जब तक धडकती रहे, नब्जो मे हो जब तक स्पन्दन, तुमको कलम और आवाजो को थामना ही होगा. कैसे तुम कह सकती हो शव्दो को अलविदा. संजीव ति...
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संगी-साथी