शुक्रिया . किसी की भी रचना के माध्यम से आप अपनी बात कहें ,बस अच्छी कहें ,ये ज़रूरी है .और आपने इसी तरह जो मंगलकामना की है उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद . aadami.adaa,sahamat maanav sab .......accha laga.
मन बहुत विचलित रहा कल...और इसी उधेड़-बुन में लिखा गया... ई कैसी दुनिया है...कभी तो इतना प्यार-दुलार कि अंचरा में ना समाय...और कभी ऐसन दुत्कार कि जीना मुहाल.... कौन कहे ई सब आभासी है....तकलीफ तो सच में हुई... और अभी ख़ुशी भी सच-मुच हुई... आपका आभार मानते हैं.... आदमी, सहमत, मानव सब तो अच्छा लगा ...सच में..
शुक्रिया .
ReplyDeleteकिसी की भी रचना के माध्यम से आप अपनी बात कहें ,बस अच्छी कहें ,ये ज़रूरी है .और आपने इसी तरह जो मंगलकामना की है उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद .
aadami.adaa,sahamat maanav sab .......accha laga.
मन बहुत विचलित रहा कल...और इसी उधेड़-बुन में लिखा गया...
ReplyDeleteई कैसी दुनिया है...कभी तो इतना प्यार-दुलार कि अंचरा में ना समाय...और कभी ऐसन दुत्कार कि जीना मुहाल....
कौन कहे ई सब आभासी है....तकलीफ तो सच में हुई...
और अभी ख़ुशी भी सच-मुच हुई...
आपका आभार मानते हैं....
आदमी, सहमत, मानव सब तो अच्छा लगा ...सच में..
achchha lagaa
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