Showing posts with label संजीव तिवारी. Show all posts
Showing posts with label संजीव तिवारी. Show all posts
चिनहा

चिनहा

चिनहा - संजीव तिवारी कईसे करलाई जथे मोर अंतस हा बारूद के समरथ ले उडाय चारो मुडा छरियाय बोकरा के टूसा कस दिखत मईनखे के लाश ला देख के माछी भिन...
Read More
सुरहुत्ती

सुरहुत्ती

सुरहुत्ती - संजीव तिवारी कहां ले बरही मनटोरा तोर तेल बिन दिया ह सुरहुत्ती के दिया ह दाउ मन बर ये मोर करम म त सिरिफ मोर मेहनत के चूहे तेल अउ ...
Read More
मोर सोंच मोर छत्तीसगढी

मोर सोंच मोर छत्तीसगढी

छत्तीसगढी भासा बोलैया समझैया मन ला मोर जय जोहार मोर मन हा छत्तीसगढी बोले पढे लिखे म अडबड गदगद होथे, काबर नई जानव ? फ़ेर सोचथो मोर जनम इहि छत्...
Read More

संगी-साथी