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जिस तरह पत्र के लिए काम करना पत्रकारिता है तो विभिन्‍न पत्रिकाओं के लिए काम करने को पत्रिकाकारिता नहीं कहा जाना चाहिए?

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पराग, दिनमान और धर्मयुग जैसी लोकप्रिय रहीं पत्रिकाओं के संपादक रह चुके कन्हैया लाल नंदन के दुखद निधन पर उन पत्रिकाओं की बेवक्त की मौत भी याद...
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राज्‍यपाल यदि चाहें तो आदिवासियों की निजी भूमियों को छिनने से रोक लगा सकते हैं- जो वे लगाते नहीं हैं। वे चाहें तो कई अधिसूचनाएं और विनियम भी...
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छत्तीसगढ़ के बुध्दिजीवियों को आह्वान

छत्तीसगढ़ के बुध्दिजीवियों को आह्वान

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने दो दिन पूर्व दिल्ली के एक कार्यक्रम में कहा कि नक्सल समस्या पर चुनाव आयोग या किसी निष्पक्ष संस्था से ...
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फोकट के बिजली ल तोरे घर मे राख

फोकट के बिजली ल तोरे घर मे राख

छतीसगढ़ काँग्रेस के प्रभारी नारायण सामी के कहना हे कि अगर छतीसगढ मे काँग्रेस के शासन आही ते किसान मन ल फोकट मे बिजली दिही । हमन ह दिगविजय सिँ...
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संगी-साथी