बेटी बिदा के गीत.. " अंचरा के मया..."

रतन अमोल धरे इहाँ उहाँ भटकत हें बिरथा बर रात दिन माथा ला पटकत हें मरम नई पाइन सिरतो मनुख तन पाए के सइघो ला छांड तभे ...
Read More

कुंवर काया कुम्हालागे....

समीर यादव जी ह सुकवि श्री बुधराम यादव जी, बिलासपुर के लिखे उलाहना-श्रृंगार रस के छत्तीसगढ़ी गीत गुरतुर गोठ के सबो पाठक मन ला अपन विगत-आगत अ...
Read More

अइसन भुइंया के करबोन सिंगार.....

समीर यादव जी हमर छत्‍तीसगढ के बिलासपुर के रहईयां ये । यादव जी मध्‍य प्रदेश पुलिस म डीएसपी (डिपटी सुपरिंटेंडेंट आफ पुलिस) साहब हें, इंखर डिउट...
Read More

सयंबर : कलजुग के सीता-राम उतरिन घुमका के अंगना

पाछू पंद्रही ले दुरूग के घुमका गांव ह गजट अउ टीभी म छाये रहिसे काबर कि उहां के एक झिन कैना ह तरेता जुग के सयंबर के कहिनी ला कलजुग म सिरतोन क...
Read More

संगी-साथी