मोर संग चलव रे


गुरतुर गोठ के संगवारी मन ला जय जोहार , हम आपमन बर ये हप्‍ता लाये हन सुघर गीत समाचार अउ कहिनी । आप मन देखव अउ हमर परयोग ह आप ल कईसे लगीस बताव ......
सुकवि बुधराम यादव के लोकप्रिय गीत
समाचार - 
 सयंबर : कलजुग के सीता-राम 
उतरिन घुमका के अंगना
लोक गाथा - अहिमन कैना
समीकछा
 पिथमपुर के कलेसरनाथ
सबले बढिया छत्तीसगढिया -
प्रो.अश्विनी केशरवानी
छतीसगढी लघु कथा -
कोंन नामवर सिंह ?

संगी हम चाहत हन येला हप्‍तही या पंद्रही म अईसनेहे एक साथ आपके आघू म लावन ताकि आप मन ला एखर अगोरा रहे, हम अपन संगी मन ला ये खातिर जोरत हन । आपमन हमर संग ये काम म सहजोग करे चाहत हव त हमला अपन 'ई मेल' तरी म देहे 'कमेंट' बकसा म लिख के बतावव, हमला आपके संग काम करे म अडबड खुसी होही ।
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संगी-साथी