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जागरण गीत

भाई समीर यादव जी ह हमर धरती के मया म सुकवि बुधराम यादवजी के ये जागरन गीत गुरतुर गोठ के संगी मन बर भेजे हे । जागौ किसान जागौ जवान हमर छत्‍तीसगढ अब गोहरावत हे :-



जागरण गीत
मालिक बन गयं नौकर भैया
ऊंच हबेली के रहवैया !
हमरे घर ले हमला धकियावत हें
अब तो जागव छत्तिसगढिहा मन
मौउका ये हाथ ले गवावंत हे !!

लोटा धर के आइन जेमन
हो गयं सेठ महाजन
धान कटोरा सजाइन तेमन
हो गयं भाट अउ मांगन
हमर ओरिया घाम घलाईया
हमर देहे ला खवईया
हमरे बर कुकुर कस गुर्रावत हें !
अब तो जागव छतीस..............
हमर सत इमान धरम के इन होगें बयपारी
होत बिहनिया झाँकत हावन
इंखर हम दुवारी इन भाइन खुर्सी बैठवैया
हमन टहल के बजवैया
हुकुम हमर ऊपर इन चलावत हें !
अब तो जागव छतीस ......
दिन मा दू रात मा चार महल इन सिर्जाथें
हमर छानी-परवा उघरा भितिया अउ भहराथे
हितवा बन के बिष देवइया
जोंक जनव ये लहू पिवईया
हमर आन्छत इन मजा उड़ावत हें
अब तो जागव छतीस.....
घर आये पहुना कस सुघर उंच पीढा बैठारेन
अपन पेट के बाना मार के इन्कर पेट मा डारेन
खाके पतरी छेदा करइया
बाहिर डेहरी के बैठिया
घर मा हमर दवां ये बगरावत हें !
अब तो जागव छतीस ....
का गुन मा थोरे कउनो ले का बल के हम हीन
बीत गे ओ समे जवंरिहा फिर गय अब ओ दिन
ये भुइंया के सेवा बजैया
छत्तीसगढ़ ला मोर कहईया
पार बांधव पानी अब बोहावत हे !
अब तो जागव छत्तीसगढ़ मन
मौका ये हाथ ले गवावंत हे .......!
.......... रचनाकर ........
सुकवि बुधराम यादव
बिलासपुर



....................... परिचय...............



......................बुधराम यादव ............



पिता का नाम - श्री भोंदू राम यादव



पत्नी - श्रीमती कमला देवी यादव



जन्मतिथि - 3 मई 1946



पता - ग्राम खैरवार (खुर्द) तहसील-लोरमी, जिला-बिलासपुर, छत्तीसगढ़.



शैक्षणिक योग्यता - सिविल इंजीनियरिंग में पत्रोपाधि अभियंता



साहित्यिक अभिरुचि - गीत एवम कविता लेखन छत्‍तीसगढी एवम हिंदी में, सतसाहित्य अध्ययन चिंतन और गायन



कृतियाँ - काव्य संग्रह " अंचरा के मया " छत्‍तीसगढी गीत एवम कविता संग्रह प्रकाशित



प्रकाशन एवम प्रसारण - वर्ष 1966-67 से प्रयास प्रकाशन बिलासपुर से प्रकाशित काव्य संग्रह 'खौलता खून', मैं भारत हूँ, नए गीत थिरकते बोल, सुघ्घर गीत एवम भोजली आदि में रचनाएँ प्रकाशित हुई . इनके अतिरिक्त अन्य आंचलिक पत्र पत्रिकाओ एवम काव्य संग्रहों में भी रचनाओं का प्रकाशन होता रहा है. आकाशवाणी तथा गोष्ठी एवम कवि सम्मेलनों के माध्यम से भी निरंतर साहित्य साधना करते रहें हैं.



सम्प्रति - अभियंता के पद पर विभिन्न स्थानों में शासकीय सेवा करते हुए साहित्य साधना में सक्रिय रहे, वर्तमान में पद से सेवानिवृत होकर बिलासपुर में सक्रिय.



वर्तमान पता - एम.आई.जी. /8 चंदेला नगर रिंग रोड क्र. बिलासपुर, छत्तीसगढ़


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आप मन हमर गुरतुर गोठ म आयेव येखर आप ला बहुत बहुत बधई । .............
खाल्‍हे म देहे डब्‍बा म अपन बिचार अउ सुझाव जरूर लिखहू ........

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